आधुनिक युग के सात नए आश्चर्य

ताजमहल

हमारे देश की यह परम्परा रही है कि अगर किसी राजा को यदि कोई चीज ज्यादा पसंद होती थी तो उसके यादगार में कुछ न कुछ बनवाया जाता था। जैसे – कुआँ, तालाब, इत्यादि। उसी प्रकार से मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी प्रिय मृत पत्नी मुमताज़ की याद में महल बनवाया था। यह 1632 में बना और 15 साल में पूरा हुआ। यह ख़ूबसूरत गुंबदों वाला महल चारों तरफ बग़ीचों से घिरा हुआ है। इसके क्षितिज पर ताज के आकार के अलावा कुछ नजर नहीं आता और मुग़ल शिल्पकला का यह सबसे बढ़िया उदाहरण माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि शाहजहाँ को उसके पुत्र ने बुढ़ापे में बंदी बना लिया था और उसने अपने अंतिम दिन क़ैद में रहकर ताजमहल को देखते हुए बिताए। यह अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। इसे देखने देश विदेश से लोग आते रहते है।

क्राइस्ट द रिडीमर

यह ब्राजील के ‘रियो डि जनेरियो’ में पहाड़ी के ऊपर स्थित 130 फुट ऊँची ‘क्राइस्ट द रिडीमर’ अर्थात ‘उद्धार करने वाले ईसा मसीह’ की मूर्ति। यह क्रॉस या सलीब के आकार की है, यह कंक्रीट और पत्थर की बनी है और 1931 में बनकर तैयार हुई थी यब लोगों से मिले दान के पैसो से इसे बनाया गया। यह वाकई में काफी ऊंचा है। जिसे देखने के लिए बहुतायात में दार्शनिक आते रहते है। यह अपनी ऊँचाई के लिए प्रसिद्ध है।

चीन की दीवार

पहले राजा अपने राज्य के विस्तार के लिए एक दूसरे पर आक्रमण करते रहते थे। इसलिए चीन के राजा ने 16 वीं सदी में इस दीवार को पूर्ण रूप से तैयार कर लिया था। यह चीन की उत्तरी सीमा पर बनाई गयी थी ताकि मंगोल आक्रमणकारियों को रोका जा सके। चीन की यह दीवार संसार की सबसे लम्बी मानव निर्मित रचना है। जो लगभग 4000 मील (6,400 किलोमीटर) तक फैली है। जो अपने आप मे एक अजूबा है जो चीन को सुरक्षा प्रदान करने का काम करती है।

रोम का कोलोसियम

रोम का कोलोसियम का असली लेटिन नाम ‘एम्फीथिएटरम्‌ फ्लावियम’ है, जिसे अंग्रेजी में ‘फ्लावियन एम्फीथिएटर’ कहा जाता है, लेकिन यह कोलोजियम के नाम से ही ज़्यादा प्रसिद्घ है रोम का कोलोसियम एक विशाल स्टेडियम है। यह स्टेडियम अपने विशालकाय होने के कारण सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है।

जोर्डन का ‘पेत्रा’

अरब देश के रेगिस्तान के एक कोने में बसा जोर्डन का पेत्रा 2000 साल पुराना शहर है जो राजा अरेतास चतुर्थ की राजधानी था। इस शहर को लाल पत्थरों से निर्मित किया गया था। यह अपने इस तरह की पत्थर की इमारतों के लिये प्रसिद्ध है, जो लाल चट्‌टानों से बनी हैं। ये इमारते काफी खूबसूरत है और दिखने में आकर्षक है। इसलिए यह शहर अपने आप मे खूबसूरती के लिए जाना जाता है।

माचू पिच्चू

दक्षिण अमरीका में एंडीज पर्वतों के बीच बसा माचू पिच्चू शहर अपनी पुरानी इंका सभ्यता का सबसे बढ़िया उदाहरण माना जाता है। माचू पिच्चू शहर 15वीं शताब्दी तक बसा हुआ था। लेकिन 15वीं शताब्दी के बाद माना जाता है कि स्पेन के आक्रमणकारियो ने इस शहर पर आक्रमण करने आये और यहाँ पर ‘छोटी चेचक’ जैसी भयानक महामारी ले आए जिसके कारण यह शहर पूरी तरह उजड़ गया। माना जाता है कि वहाँ पर आज भी वैसा ही है।

चिचेन इत्जा

आज के मध्य अमेरिका में स्थित यह मंदिर-नगरी पुरानी माया सभ्यता का अवशेष है। माया सभ्यता यहाँ पर 750 से 1200 सदी के बीच फली-फूली और यह शहर इनकी राजधानी और धर्मिक नगरी थी। यह नगरी अपनी धार्मिकता के लिए प्रसिद्ध है।
इस प्रकार से यह सात अजूबे जो सारी दुनिया को चकित करने वाले हैं।

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